24 January 2026

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आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में बनेगा भारत का पहला eVTOL “स्काई फैक्ट्री”

₹1,300 करोड़ का निवेश, शहरी हवाई परिवहन में ऐतिहासिक बदलाव की ओर भारत

भारत के विमानन क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। बेंगलुरु स्थित Sarla Aviation ने आंध्र प्रदेश के Anantapur में देश की पहली समर्पित eVTOL (इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग) निर्माण इकाई स्थापित करने की घोषणा की है। इस परियोजना को “स्काई फैक्ट्री” नाम दिया गया है, जिसमें लगभग ₹1,300 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है।

स्वच्छ और आधुनिक विमानन की दिशा में बड़ा कदम

स्काई फैक्ट्री की वार्षिक उत्पादन क्षमता 1,000 इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी तक होगी। eVTOL विमान शहरी यात्राओं के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं, जो पारंपरिक परिवहन की तुलना में तेज़, शांत और पर्यावरण के अनुकूल होते हैं। यह परियोजना भारत को वैश्विक शहरी हवाई परिवहन (Urban Air Mobility) मानचित्र पर एक नई पहचान दिला सकती है।

इस सुविधा में केवल उत्पादन ही नहीं, बल्कि अनुसंधान एवं विकास (R&D) केंद्र, परीक्षण रनवे, और पूर्ण पैमाने की उत्पादन लाइनें भी शामिल होंगी। इससे Sarla Aviation को डिज़ाइन से लेकर परीक्षण और निर्माण तक सभी प्रक्रियाएँ एक ही परिसर में संचालित करने में सहायता मिलेगी।

अनंतपुर का चयन: एक रणनीतिक निर्णय

अनंतपुर का चयन यह दर्शाता है कि भारत में औद्योगिक विकास अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं है। आंध्र प्रदेश सरकार लंबे समय से एयरोस्पेस और उन्नत निर्माण क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने पर ध्यान दे रही है। अनुकूल नीतियाँ, उपलब्ध भूमि और कुशल मानव संसाधन इस क्षेत्र को भविष्य का एयरोस्पेस केंद्र बनाने में सहायक हो सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्काई फैक्ट्री के आने से अनंतपुर भारत का अगला उन्नत एयरोस्पेस हब बन सकता है, जिससे हज़ारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर पैदा होंगे।

मेक इन इंडिया और पर्यावरणीय लक्ष्यों से तालमेल

यह परियोजना Make in India पहल के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य देश में निर्माण क्षमताओं को सशक्त बनाना और आयात पर निर्भरता कम करना है। भारत में eVTOL का निर्माण न केवल लागत घटाएगा, बल्कि स्वदेशी तकनीक और निर्यात क्षमता को भी बढ़ावा देगा।

इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी शून्य उत्सर्जन पर कार्य करती हैं और पारंपरिक हेलीकॉप्टरों की तुलना में कम शोर उत्पन्न करती हैं। यह भारत के जलवायु परिवर्तन और सतत विकास लक्ष्यों के लिए एक महत्वपूर्ण समाधान हो सकता है।

2028–29 तक व्यावसायिक शुरुआत का लक्ष्य

Sarla Aviation ने 2028–29 तक अपने eVTOL विमानों की व्यावसायिक शुरुआत का लक्ष्य रखा है। हालांकि नियामक स्वीकृति, हवाई यातायात प्रबंधन और बुनियादी ढांचे जैसी चुनौतियाँ बनी हुई हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की प्रारंभिक निवेश योजनाएँ भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रखेंगी।

भारत के विमानन भविष्य पर व्यापक प्रभाव

इस स्काई फैक्ट्री का उपयोग केवल यात्री परिवहन तक सीमित नहीं रहेगा। भविष्य में eVTOL का उपयोग चिकित्सा आपात सेवाओं, लॉजिस्टिक्स, आपदा प्रबंधन, और क्षेत्रीय संपर्क जैसे क्षेत्रों में भी किया जा सकता है।

उद्योग जगत इस पहल को एक कंपनी का निवेश नहीं, बल्कि भारत की भविष्य की गतिशीलता (Future Mobility) के प्रति गंभीर प्रतिबद्धता के रूप में देख रहा है। यदि यह परियोजना योजना के अनुसार आगे बढ़ती है, तो अनंतपुर स्थित स्काई फैक्ट्री भारत को स्वच्छ और आधुनिक विमानन निर्माण में वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जा सकती है। ✈️⚡

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